गुरुवार, 23 मार्च 2023

ऐसे जीतोगे "वर्ल्ड कप "?

     

  पहले
वन डे में ऑस्ट्रेलिया  का स्कोर १८८ रन पे आल आउट होने के बाद इंडिया ने हारते हारते १९१/५ से मैच जीत लिया  था।  दूसरे वन  डे  में भारत ने अपने हथियार दाल दिए।  २६ वोहरों में केवल ११७ रन बनाकर आउट हो गयी। अब  ऑस्ट्रेलिया  के सामने ११८ रन का लक्ष रखा।  केवल ११ वोहरों में १२१ रनो की पारी बिना कोई विकेट गवाएं जीत गयी।  

           दूसरे मैच के बाद भारतीय बल्लेबाजोसे  लगा था की भारतीय टीम तीसरे वन डे  में अपना डंका बजा देगी।  लेकिन हुआ उल्टा ही,  ऑस्ट्रलिया टी. हेड और एम् मार्श बतौर  मैच ओपन करने आये  ६८/१ टी हेड  हार्दिक पंड्या ने आउट कर के मैच में थोड़ी जान ला दी।  ७४ / २ विकेट, ८५ /३ विकेट, १२५/ ४, १३८/५, १९६/६ २०३/ ७, २४५/८ २४७/९ और  २६९/१० 

          सातवे विकेट के बाद  ४२ रनो का बड़ी साझीदारी मिली  यह भी एक मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। और दसवे विकेट के लिए २२ रनो की साझीदारी ये भी बहुत ज्यादा थी।  भारत के सामने २७० रन का छोटा सा लक्ष रखा।  

          अगर रोहित शर्मा ने दो डीआरएस लिए  होते तो मैच का हाल कुछ और ही होता। इससे यह दर्शाता हैं आपके पास वो किल्लर इंस्टिंक्ट नहीं है जो की धोनी के पास था।  विराट कोहली ने सर्वाधिक  ५४ रन बनाये  वो भी ७२ बॉल में।  हार्दिक पंड्या ने ४० बॉल में ४० रन जो दूसरा सर्वाधिक स्कोर था , मैच तो कोहली ने ही हरा दी थी ७२ बॉल में ५४ रन बनाकर। एक के बाद एक सभी भारतीय विकेट गिरते चले गए २४८ /१०  वो भी  ४९. १ वोहरों में। 

         क्या भारतीय टीम किसी परेशानी का सामना कर रही हैं?  विराट का बल्ला चल नहीं रहा फिर भी उसे मैच में जगह मिली हैं।  रोहित के पास वो किल्लर इंस्टिंक्ट नहीं हैं जो की मैच जीतना ही हैं।  क्या हम यही टीम लेकर वो डी आइ  वर्ल्ड कप  में उतरने वाले हैं।  क्या ऐसे जीतोगे वर्ल्ड कप ???

शनिवार, 18 मार्च 2023

"ACCESS DENIED"


     दो दिन के अंतराल  के बाद आज काम का दिन था।  वर्क फ्रॉम होम ही चल रहा था।  इस महीने की सैलरी आने के बाद घर और कार के लोन की किश्ते चुकानी थी। उसके साथ साथ क्रेडिट कार्ड का बिल भी।  जब मैं शुक्रवार  को दोस्तों के साथ होटल में पार्टी रखी थी, नई  कार  लेने की ख़ुशी में। जो की बैंक जमा राशि में से  लाख रूपये का  डाउन पेमेंट देकर ली थी।  मेरी इस ख़ुशी में बच्चे और बीवी शामिल नहीं थे।  बच्चों को छुट्टिया चल रही थी इस लिए वो अपने मायके गयी थी। यह सोचते सोचते मैंने जब लैपटॉप खोला तो ACCESS DENIED  मैसेज आया। मैंने आपने टेक्निकल टीम को फ़ोन मिलाने की लगा फिर मेरा फ़ोन कोइ उठया नहीं।  फिर मैंने HR को फ़ोन किया उसने कहा आप ऑफिस  आ  जाइये और आते समय आपका लैपटॉप  ले कर आना। 

         एक बड़े टेक्नीकल पार्क जहाँ  एक से बड़े एक इमारते जहाँ हजारों लोग काम करते थे। मैंने मेरे बिल्डिंग के बेसमेंट में कार पार्क की। और हमेशा की तरह लिफ्ट के पास आके खड़ा हो गया। जब मैं लिफ्ट को एक्सेस करने की कोशिश की तो वहां पर भी ACCESS DENIED  मैसेज आया।  फिर मैंने जिस रास्ते से कार बेसमेंट लाया था, उसी रास्ते से ऑफिस के रिसेप्सशन में गया। मैंने फिर से HR को फ़ोन मिलाया। थोड़ी देर  बाद HR मेरे पास आकर बोला।  आपको जॉब से निकाल दिया गया हैं।  आपका सेटलमेंट आपके बैंक अकाउंट में जमा होगा।  और डिटेल्स आपके पर्सनल मेल में।  अगर आप लैपटॉप और फ़ोन आपके पास रखना  चाहते हैं तो बता दीजियेगा। उसका अमाउंट आपके सेटलमेंट में से डिडक्ट होगा। 

       मैंने लैपटॉप और मोबाइल HR को  हैंड ओवर कर उसी रास्ते से कार की ओर  चल पड़ा।  और सोच रहा था की नया जॉब ढूंढना हैं। ऑफिस के बाहर आते आते रस्ते जो चाय की दुकान, पान  की टपरी सब वैसे ही चल रहा था।  जैसे  कुछ भी हुआ ही नहीं।  सिर्फ मेरी दुनिया बदल गयी थी, बाकी लोग तो मजे में जी रहे थे। 


शनिवार, 25 फ़रवरी 2023

क्रीज़ से एक कदम दूर तो विश्व कप से दूर....

      जब  विश्व कप में भारतीय महिला टीम सेमीफइनल ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के बिच चल रहा था।  ऑस्ट्रेलिया  ने  १७२ रन बनाकर भारतीय टीम के सामने १७३ रन का लक्ष रखा। शेफाली वर्मा और समृति मंधाना लक्ष को साधने हेतु मैदान में उत्तर जाते हैं।  वर्मा ९ रन बनाकर  और मंधाना २ रन बनाकर आउट हो जाते हैं। उसके बाद
 आनेवाली  यास्तिका भाटिया भी ४ रन बनाकर जल्दी ही आउट हो जाती हैं। उसके बाद आने वाली  जेमिमह रोडिऱ्गुस और हरमन प्रीत कौर  दोनों ने बाजी को संभल लिया। जब यह खिलाडी इतनी अच्छी बैटिंग कर के विरोधी टीम के पसीने छुड़वा दिए। एक समय ऐसा लग रहा था निर्धारित २० ओवर के अंदर ही मैच जीत लेते।  लेकिन एक गलत शॉट के चलते जेमिमहा २४ बाल ने ४३ रन बनाकर आउट होती हैं। उसके बाद ऋचा घोष बैटिंग करने उतरती हैं। हरमन प्रीत कौर कप्तानी पारी खेल रही थी। मैच में जब ऐसा मोड़ आया की ३४ बॉल में ५३ रन बनाकर रन आउट हो जाती हैं।  क्रीज से बस एक कदम दूर रह जाती हैं क्यूँ की उसका बल्ला जमीं में अटक गया था। उसके बाद  रनों  की गति धीमी हो जाती हैं।  १६७  रन  ८ विकेट  इस तरह मैच हार  कर विश्व कप के बहार हो जाती हैं। 
       
              अब हमारा सवाल यह हैं की,  मीडया  में जगह उतनी नहीं मिली की जितनी पुरुष टीम को मिलती।  बी सी सी आइ में भी उतनी  जगह नहीं मिली। अभी मालूम हुआ की हमारा मीडिया बी सी सी आइ  और हमारे  लोग अभी  भी पुरुष प्रधान सोच को ही बढ़ावा देते हैँ। महिला टीम को सिर्फ सुर्खियो मे जगह मिली।अगर इसी जगह पुरुष टिम होती तो एक एक घंटे के स्पेसल कार्यक्रम प्रसारित किये जाते लेकिन महिला टिम के ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। पूरी दुनिया  में बस पुरुषों का वर्चस्व दिखाई पड़ता हैँ।  अगर हम आज महिला टीम को उतनी अहमियत और प्रोहत्सन देते तो यह महिलएं पूरा विश्व जिंतने को तैयार रहती, विश्व कप तो उनके  सामने कुछ भी नहीं। 

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2021

२०२२ का साल आपको शुभ और मंगलमय हो....


          जीवन के सफर में चलते चलते पता ही नहीं चलता की समय हमें कैसे निगल रहा हैं।  हमें लगता हैं की हम समय के साथ बड़े हो रहे हैं।  लेकिन सत्त्य यह हैं की हम छोटे होते जा रहे हैं।  जैसा की एक और साल हमारे जीवन का कम हो गया, यानी की हम मृत्यु के और करीब हो गएँ हैं, यही जीवन का सत्य हैं। 

               एक एक पल, पल से मिनट, मिनिटों से घंटे, घंटो से दिन, दिनों से हप्ते, हप्तों से महीने, महीनो से साल, सालों से दशक, दशकों से शतक, शतकों से सहस्त्र, और अनेक सहस्र वर्षों से युग।  इस समय के हिसाब की कोई समय सिमा ही नहीं हैं।  

          समय देखने के लिए घडी होती है, दिन और महीने देखने के लिए कैलेंडर और हर साल में कैलेंडर बदल दिया जाता हैं।  नए साल का जश्न मनाते हैं।  क्या यह जश्न मृत्यु पे नजदीक आने का तो नहीं हैं ? लेकिन एक सवाल  क्या हम अंजाने में मृत्यु का जश्न तो नहीं मना रहें हैं?  जी नहीं, यह तो मृत्यु  का जश्न नहीं हैं, क्यों की हमें मृत्यु का समय पता नहीं होता।  

          हम जन्म का स्वागत तो नौ महीने से करते हैं।  लेकिन हमारी परम्परा  नहीं हैं के मृत्यु का भी स्वागत हो।   चलो जो भी हो हम नए साल का स्वागत करते हैं और सभीको नए साल की शुभकामनएं , २०२२ का साल आपको शुभ  और मंगलमय हो, यही भगवान से  प्रार्थना करतें हैं। 

शनिवार, 25 दिसंबर 2021

काला अक्षर भैंस बराबर.....

       


 क्लास रूम घुसते ही सभी छात्र गपशप में मग्न थे।  उतने में हिंदी के अध्यापक कक्षा में आएं, और चॉक से बोर्ड पर लिखने लगे। कहावतें--- लिखते लिखते कहने लगे  " बच्चों आज हम हिंदी की कुछ प्रचलित कहावते के बारें में सवांद करेंगे। बोर्ड पे लिखते लिखते बोलें  "काला अक्षर भैंस बराबर इसका मतलब बताओ " ?

सुरेश ( एक विधार्थी ) कहने लगा, सर आपने तो सफ़ेद अक्षर लिखा हैं, वो काला कैसा होआ गया ? 
शिक्षक ने सुरेश को बैठने को कहकर कहा " अरे यह तो मैंने बोर्ड पर लिखा हैं, काले बोर्ड पर सफेद चॉक से लिखा जाता हैं। "
सुरेश ने उठते हुए कहा  "लेकिन सर सफ़ेद अक्षर भैंस बराबर लिखना चाहियें था।"

टीचर ने कहा  "तुम्हारी नोट बुक क्या लिखा हैं ? उसमे काले अक्षर में लिखा नहीं हैं ? " 

"नहीं सर उसपे नीले अक्षर में लिखा हैं। क्या हम यह नहीं कह सकते की नीला अक्षर भैंस बराबर" सुरेश ने जवाब दिया।
  
टीचर ने  माथे पर बल लेकर कहा।  " समझ में नहीं आता यह कहावत हैं और इसका सही सही मतलब कौन बता सकता हैं। हाथ उप्पर करें। "

रमेश एक और छात्र ने कहा  "  सर भैंस भी काली होती हैं इसलिए काला अक्षर भैंस बराबर।  लेकिन सर सफेद अक्षर गाय  बराबर क्यों नहीं कह सकते ? क्यूँ की गाय सफ़ेद भी हो सकती हैं जैसे सफेद अक्षर की तरह। "

"चुप  रहो " टीचर ने गुस्से से कहा। और इस कहावत अर्थ बताने लगे।  

 काला अक्षर भैंस बराबर ' इस का क्या अर्थ होता हैं  की  इस मुहावरे का शाब्दिक अर्थ यह होता हैं की  'अनपढ़' होना है, ऐसा व्यक्ति जो मानसिक रूप से स्वयं को अशिक्षित मान ले एवं कोई भी शब्द पढ़ने या समझने में असमर्थ हो , उसके लिये काला अक्षर भैंस बराबर।"

"अगले क्लास में हम दूसरा मुहावरा का विवरण करेंगे " यह कहकर सर क्लास संपन कर निकल गए। 


गुरुवार, 2 सितंबर 2021

तिरंगा बेचता हुआ मासूम ...

   

    १३  अगस्त  को जब मैं  क्रोमा शॉप के सामने खड़े होकर मेरी बेटीसे बातचीत कर ही रहा था. उतने में एक लड़का तिरंगा बेचते हुए मेरे पास आ गया, और कहने लगा साहब एक तिरंगा लेलो, मुझे  २० रुपये  का आइस क्रीम खाना हैं।  मैं सोच में  पड़ गया की लोग पहले पेट भरने के लिए काम करते थे, लेकिन अब आइस क्रीम खाने के लिए। इतने में वह लड़का फिरसे  कहने लगा, "साहब ले लो ना यह  तिरंगे का मानचित्र ले लो जो गाड़ी में रखने के काम आएगा।"

         मैंने  उसे कहा  मैं तिरंगा तो मैं ले नहीं सकता लेकिन आइस क्रीम खिलाऊंगा, यह बोलकर जब मैंने आइस क्रीम  वाले ट्राली पे गया तो वो बच्चा वो बच्चा ६० रुपये की आइस क्रीम डिमांड करने लगा। फिर मैंने उसे कहा वहाँ तो तुम बोल रहे थे की २० रूपये का आइस क्रीम चाहियें।  मैंने उस ट्राली वालें से कहा भाई साहब २० रुपये वाली एक कैंडी आइस क्रीम देने  को कहा।  फिर उसने उसे बिस रूपये वाले कैंडी आइस क्रीम दे दी। मैंने फोन पे से २० रूपये का पेमेंट करवा दिया। 

      मैंने मासूम बच्चा समझकर उसके पास से  तिरंगा खरीदे बिना ही आइस क्रीम खिला दी। क्यों की जब मैं अगर तिरंगा खरीदने  के बाद  अगर तिरंगा  गलती से भी यहाँ  वहाँ गिरेगा और तिरंगे का सन्मान नहीं रहेगा। 

      देश की हालात इस तरह हैं की मासूम बच्चों को तिरंगा बेचना पड़ता हैं। हमें वो दिन लाना हैं किसी भी मासूम  बच्चे को कुछ भी बेचने का  या  कोई धंदा या काम ना करना पड़े। यही होगा देश और तिरंगे का सन्मान । 

(इमेज गूगल से.... )

मंगलवार, 12 जनवरी 2021

हरा "व्हाट्सअप " बना लाल तो नीला "सिग्नल" बना हरा....

     


           जब से "व्हाट्सअप"  ने नयी  पॉलीसी  लायी हैं तो सोशल मीडिया में एक हड़कंप सा छा गया हैं।  जब से "व्हाट्सअप" ने यह पॉलिसी लायी हैं तबसे "व्हाट्सअप" का दूसरा पर्याय ढूंढ़ने लगे हैं।  इस बिच टेस्ला के संस्थापक का ट्वीट ने तो "सिग्नल "आप को हरी झंडी  दिखा दी है।  इस बिच लोगों ने "सिग्नल"डाउनलोड करना ही दूसरे  विक्लप के रूप में देखने लगे हैं।  अब पॉलिसी  का विवरण इस तरह से हैं की आप का जो भी डाटा व्हाट्सअप पे सेव हैं, वो फेसबुक पे दिखायेगा अगर ये पालिसी किसी को मान्य नहीं तो आपका व्हटसअप अकाउंट बंद होगा। यह पॉलिसी नहीं बल्कि यह यूजर को चेतावनी दी गयी हैं। व्हाटअप, फेसबुक और इंस्टग्राम का मालिक एक ही हैं। 

         



 क्या यह व्हाट्सअप का अंत तो नहीं हैं ? जो ऐप दुनिया पे राज करता रहा हैं, उसका भी अंत तो होता ही  हैं। क्या व्हाट्सअप  के लिए यह लाल सिग्नल तो नहीं। जो नया सिग्नल की जो सिग्नल को हरा करा कर उसका रास्ता साफ हो गया। कुछ हो या ना हो लेकिन इस पॉलिसी से लोग दूसरा विकल्प ढूंढ़ने लगे हैं।